Durga Puja Ka Athva Din – Maa Mahagauri Ka Mehatva – Maa Mahagauri Roop Kyu Vyakhyat Hua

दुर्गा पूजा के आठवे दिन किस माँ की पूजन होती हैं माँ महा गौरी के पूजन की क्या विधि है और माँ दुर्गा के आठवे रूप महा गौरी के बारे में Durga Puja Ka Athva Din – Maa Mahagauri Ka Mehatva – Maa Mahagauri Roop Kyu Vyakhyat Hua जानते हैं.

 

Durga Puja Ka Aathve Din Kon Si Mata Ka Hota Hai ?

नवरात्र में दुर्गा पूजा के समय निवेदन आठवें दिन मां महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है देवी दुर्गा के स्वरूप महागौरी को आठवीं शक्ति के स्वरूप के रूप में जाना जाता है.

 

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मां महागौरी के तेज से संपूर्ण विश्व प्रकाशमान होता है इसलिए महागौरी को आदिशक्ति का स्थान दिया गया है.

 

Durga Puja Ke Aathve Din Me Maha Gauri Mata Ka Mehatva Kya Hai ?

दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की पूजा करने का विशेष महत्व होता है इस दिन कुंवारी कन्याओं को भोजन करने कराने का विधान बताया गया है और साथ ही इस दिन महिलाएं देवी मां को चुनरी के साथ-साथ अपने सुहाग भी भेंट करती हैं.

नवरात्रि के समय में जिस प्रकार सातों दिन मां दुर्गा के रूपों की पूजा करते हैं उसी प्रकार आठवें दिन भी मां गौरी की पूजा अर्चना की जाती है जो अष्टमी की पूजा कहलाती है इसी तरह कन्याओं को भोजन कराने के साथ-साथ कन्याओं की पूजन भी करना चाहिए.

 

Maha Gauri Datri Durga Roop Ki Pujan Vidhi Kya Hai ?

सुबह उठकर स्नान करने के पश्चात अष्टमी के दिन माता महागौरी की पूजन करने के लिए श्वेत रंग के वस्त्रों का धारण करना चाहिए क्योंकि माता महागौरी को श्वेत रंग रंग बहुत पसंद है और श्वेत रंग में इनका ध्यान करना लाभकारी होता है.

महागौरी की पूजन करने के लिए श्वेत रंग या पीले रंग के कपड़े पहन कर बैठे मां की प्रतिमा के समक्ष दीपक को प्रज्वलित करें और हाथ जोड़कर मां का ध्यान करें इसके पश्चात माता रानी को सफेद या पीले फूलों का अर्पण करें महागौरी के मंत्रों का जाप करें और इसके पश्चात आरती कर प्रसाद वितरण करें.

 

Maha Gauri Datri Durga Roop Kyu Vyakhyat Hua ?

भगवान शिव की प्राप्ति के लिए उन्होंने कठोर पूजा की थी दुर्गा का आठवां स्वरूप महागौरी ने तपस्या करके भगवान शिव को अपने पति के रूप में मांगा था और भगवान शिव ने इनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन देकर मां का शरीर कांति में कर दिया था क्यों की तपस्या करते करते माता महागौरी का शरीर काला पड़ चुका था भगवान शिव के वरदान देने के पश्चात् माता महागौरी ने माता सीता के रूप में शिव जी को श्री राम के रूप में पाया इस कारण माता महागौरी का दुर्गा रूप व्याख्याता हुआ.

 

Durga Puja Me Aathve Din Vrat Rakhne Se Kya Fal Milta Hai ?

नवरात्रि के आठवें दिन के समय मां गौरी की पूजन करने से जीवन में छाए संकटों का निवारण होता है और पापों से मुक्ति मिलती है मां महागौरी की आराधना करने से व्यक्ति को सौभाग्य के साथ-साथ सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है.

 

नव रात्रि के नवे दिन माँ गौरी की पूजा की जाती है इनकी पूजना विधि और सभी जानकारी अपने दोस्तों के साथ हमारी Durga Puja Ka Athva Din – Maa Mahagauri Ka Mehatva – Maa Mahagauri Roop Kyu Vyakhyat Hua पोस्ट जरुर share करें.

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